राज्य सरकार नियम बना सकती है
(क) इस अधिनियम के अधीन किसी वन अधिकारी की शक्तियों और कर्तव्यों को निर्धारित और सीमित करना
; (ख) इस अधिनियम के अधीन जुर्माने और जब्ती की आय से अधिकारियों और मुखबिरों को दिए जाने वाले पुरस्कारों को विनियमित करना;
(ग) सरकार के स्वामित्व वाले, किन्तु निजी व्यक्तियों के स्वामित्व वाली या उनके कब्जे वाली भूमि पर उगाए गए वृक्षों और इमारती लकड़ी के संरक्षण, पुनरुत्पादन और निपटान के लिए; और
(घ) सामान्यतः, इस अधिनियम के प्रावधानों को कार्यान्वित करना।
निर्णय :
कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम के अधीन किसी नियम का उल्लंघन करेगा, जिसके उल्लंघन के लिए कोई विशेष दंड का प्रावधान नहीं है, तो उसे एक माह तक के कारावास या पांच सौ रुपए तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकेगा।
इस अधिनियम के अधीन राज्य सरकार द्वारा बनाए गए सभी नियम राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे और तत्पश्चात्, जहां तक ​​वे इस अधिनियम के अनुरूप हैं, ऐसे प्रभावी होंगे मानो उसमें अधिनियमित किए गए हों।
पेज अद्यतन तिथि: 10-09-2025 05:26 PM


