(1) राज्य सरकार किसी ग्राम-समुदाय को किसी ऐसी भूमि पर, जिसे आरक्षित वन माना गया है, सरकारी अधिकार सौंप सकेगी और ऐसे अधिकार-हरण को रद्द भी कर सकेगी। इस प्रकार सौंपे गए सभी वन ग्राम-वन कहलाएंगे।
(2) राज्य सरकार ग्राम वनों के प्रबंधन को विनियमित करने के लिए नियम बना सकेगी, जिसमें वे शर्तें विहित की जाएंगी जिनके अधीन उस समुदाय को, जिसे ऐसा कोई समनुदेशन किया जाता है, इमारती लकड़ी या अन्य वन-उपज या चारागाह उपलब्ध कराया जा सकेगा, तथा ऐसे वन के संरक्षण और सुधार के लिए उनके कर्तव्य विहित किए जाएंगे।
(3) आरक्षित वनों से संबंधित इस अधिनियम के सभी प्रावधान (जहां तक ​​वे बनाए गए नियमों से असंगत नहीं हैं) ग्राम-वनों पर लागू होंगे।
पेज अद्यतन तिथि: 10-09-2025 03:06 PM