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ऐश्वर्य राज

ऐश्वर्य राज
नाम ऐश्वर्य राज
पद सह - प्राध्यापक
सेवा एवं आवंटन वर्ष भारतीय वन सेवा, 2017 बैच
कैडर हिमाचल प्रदेश

योग्यता

  • बीएससी (ऑनर्स) रसायन विज्ञान, सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
  • एमबीए (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार), भारतीय विदेश व्यापार संस्थान, नई दिल्ली (मुख्य विषय: विपणन और विदेश व्यापार)
  • एम.एससी. वानिकी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी से पूर्व का अनुभव

भारतीय वन सेवा (IFS) में शामिल होने से पूर्व कॉर्पोरेट क्षेत्र एवं स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र (Startup Ecosystem) में कार्य करने का संक्षिप्त अनुभव।

हिमाचल प्रदेश के तीन वन प्रमंडलों में उप वन संरक्षक (Deputy Conservator of Forests) के रूप में सेवाएँ दीं (2019–2025)। कुल्लू में पारिस्थितिक पर्यटन (Ecotourism) परियोजनाओं के निष्पादन, पौधशाला (Nursery) आधुनिकीकरण तथा वन प्रवर्तन (Forest Enforcement) पर कार्य किया। पार्वती वन प्रमंडल में आत्म-सतत (Self-sustaining) इको-टूरिज्म पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे विभाग के राजस्व में अत्यधिक वृद्धि हुई; साथ ही स्वयं सहायता समूह (SHG) आधारित हस्तक्षेपों के साथ जाइका (JICA)-सहायता प्राप्त वानिकी, डंपिंग यार्डों एवं इकोटोन (संक्रमण) क्षेत्रों का न्यूनतम लागत पर पारिस्थितिक पुनर्स्थापन (Ecological Restoration), तथा एक काष्ठ संग्रहालय (Wood Museum) की स्थापना की।

पांवटा साहिब में, साल और खैर वन-संवर्धन (Silviculture) पर विशेष ध्यान देते हुए तीन दशकों से भी अधिक समय में पहली कार्य योजना (Working Plan) तथा कर्नल शेरजंग राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (Eco-Sensitive Zone) के लिए आंचलिक मास्टर प्लान (Zonal Master Plan) का प्रारूप तैयार किया। हिमाचल प्रदेश में 'प्रोजेक्ट एलीफेंट' के कार्यान्वयन सहित मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन पर कार्य किया, साथ ही पारिस्थितिकी-पुनर्स्थापन पहलों (राष्ट्रीय हरित अधिकरण / NGT द्वारा सराहे गए अपशिष्ट-प्रसंस्करण संयंत्र के चारों ओर अनुकूलित मियावाकी पद्धति सहित) पर कार्य किया और अवैध खनन व सीमा-पार इमारती लकड़ी की तस्करी के विरुद्ध प्रवर्तन को सुदृढ़ किया।

तत्पश्चात, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली में सहायक वन महानिरीक्षक (वन्यजीव) [Assistant Inspector General of Forests (Wildlife)] के रूप में सेवाएँ दीं, जहाँ राष्ट्रीय वन्यजीव कार्यक्रमों के शुभारंभ तथा भारत की प्रमुख वन्यजीव पहलों के कार्यान्वयन हेतु राज्यों एवं वैज्ञानिक संस्थानों के साथ नीतिगत समन्वय (Policy Coordination) का वृहद अनुभव प्राप्त हुआ।

वर्ष 2021 एवं 2022 में लगातार दो वर्षों तक सर्वश्रेष्ठ DFO के रूप में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के 'अरण्य गौरव पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, 'हिमाचल प्रदेश में 8 परियोजनाओं हेतु पारिस्थितिकी-पुनर्स्थापन (Eco-Restoration) पहलों' के लिए वर्ष 2024 में सुशासन (Governance) श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर के 'नेक्सस ऑफ गुड' (Nexus of Good) पुरस्कार से भी अलंकृत किया गया।

विशेषज्ञता के क्षेत्र

  • विकृत भूदृश्यों का पारिस्थितिक पुनर्स्थापन और पुनर्वास
  • भूदृश्य और वन्यजीव प्रबंधन, जिसमें मानव-वन्यजीव संपर्क भी शामिल है
  • वन प्रशासन और योजना (कार्य योजनाएं, क्षेत्रीय मास्टर प्लान आदि)

अन्य हित

  • चित्रकारी
  • पंछी देखना
  • सलाह
  • संगीत

ईमेल - hp187 [at] ifs [dot] nic [dot] in

पेज अद्यतन तिथि: 04-08-2026 12:54 PM

वेबसाइट अद्यतन तिथि: 17-08-2026 12:00 AM
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